पाखंड | Inspirational Talk About Life | Life Observations in Hindi | Motivational बस
इतना सा कर सकता हूँ क्या ? क्या किसी से कहना है, अपने से भी कभी बात कर सकता हूँ क्या ?
न कभी कह सकूं सब से, न उजागर कर सकूं समाज को |
अपने से सच कह सकता हूँ क्या ? हिम्मत न भी जुटा सकूँ संसार के सामने, दर्पण से सच कह सकता हूँ क्या ?
क्यों इतना छिपाना चाहता हूँ, है ऐसा क्या जो ढ़कना चाहता हूँ ?
कौन से राज दफन करना चाहता हूँ ? ऐसा क्या है मुझमें जो दूसरे जान जाएंगे, जान भी गए तो क्या जान जाएंगे ?












