वो बारिश
हुई रात, वो जोरो का शोरछम छम वो लगातार आ रही आवाजकितनी देर से बादल की कहर कभी वो टप टप की आवाज थीवो डर था कि रात की यह बारिशसुबह तक सब डूबा न देफिर छोड़ना होगा वो सब फिर जाना होगा किसी और डगरलेकिन आज, वो आवाज तो हैवो लगातार छम छम भी हैलेकिन वो डर नही, वो फिक्र नहींआज वो बारिश तो है, पर मैं वो कल वाला मैं नहीं।

















