श्रीमदभागवत श्रवण के प्रभावसे भक्ति,ज्ञान,वोराग्य का बूढ़े से युवा हो जाना
श्रीमदभागवत श्रवण के प्रभावसे भक्ति,ज्ञान,वोराग्य का बूढ़े से युवा हो जाना
देवर्षी नारद भगवान के परम भक्तों में से एक है । वे सदा भ्रमण करते रहते है । एक समय की बात है नारदजी को सनकादि मुनि मिल गए । सनकादि ऋषियों ने नारदजी से पूछा , नारद तुम इतने चिंतातुर क्यों दिखाई दे रहे हो, इतनी जल्दी में कहां जा रहे हो । सनकादि ऋषियों की बाते सुनकर , नारद जी ने कहा , ऋषियों आप सब ब्रह्माजी के मानस पुत्र है । आप आयु में तो सृष्टि के सभी जीवों से बडे है किंतु दिखने में तो पांच वर्ष…
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