10 रुपए की दिवाली!!!
दिवाली सभी के जीवन में खुशियां लाती है, परंतु कुछ आंखे उन खुशियों को दूसरो में ढूंढते है। उसी एक नन्ही सी आंख की दिवाली बता रहा हूं।वो नन्ही सी आंखे सबको देख रही थी,खुशियों को देख खुद की खुशी ढूंढ रही थी,वो बिजली की खामोशी भरी शोर,वो झिलमिल सी इमारतों की रौनक,जोर जोर से जैसे कुछ बता रही हो,आज दिवाली है यह जता रही है,पड़ी उसकी नजर एक लाल सी दुकान पे,सब तरफ रंग बिरंगी चकाचौंध,वो बड़े बड़े रॉकेट, वो…
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