दुनिया मेरे आगे : फिक्र का मौसम
दुनिया मेरे आगे : फिक्र का मौसम
सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ इसका समाधान न करने पर न केवल हम दुनिया को खोएंगे, बल्कि प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से अपना अस्तित्व खतरे में डाल देंगे। देखने में आया है कि पिछले कुछ वर्षों से वातावरण ने बहुत बड़ी करवट ली है। गरमी के दिनों में सर्दी, सर्दी के दिनों में बारिश और बारिश के दिनों में गरमी जैसे मौसम भविष्य के लिए आगाह कर रहे हैं। विश्व का सबसे ऊंचा पर्वत हिमालय अपनी ऊंचाई की तुलना में घटता जा…
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