अड़भंगी शिव, हुड़दंगी टोली (महाशिवरात्रि स्पेशल )
आकर है,विकार हैये शिव की करताल हैये धाप है, ये थाप हैये भक्ति का संचार है डम डम, बम बम ये डमरू की झंकार है ये गंगा की कलकल,ये शंख ध्वनि साझ है ये शहर है बनारसी जहाँ ठेठ अंदाज है ये बोलिया ये ठोलिया क्या लाजवाबदार है बोलें ‘हर हर’ धरा, गूंजे शिव वाणीया काशी के कण-कण में, सब शिवमय संसार है,ना मोह है ना माया है यहाँ माणिकर्णका का द्वार है शिव का तारक मंत्र सुन जहाँ ये काशी नगरी मोक्ष का द्वार…










