*‘सप्ताह का प्रादर्श-53’* (24 से 30 मई, 2021 तक) *बरसेला, पाषाण स्मृति स्तंभ* वेबसाइट की लिंक - https://igrms.com/wordpress/?page_id=3615 बरसेला स्मृति शिला स्तंभ हैं जिन्हें मुख्यतःमृतकों की स्मृति में स्थापित किया जाता है। मृतकों की आत्माओं की पूजा एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य माना जाता है। हिमाचल प्रदेश में इन स्मृति शिलाओं को स्थानीय रूप से बरसेला या बरसीले के नाम से जाना जाता है। इनका निर्माण या उत्कीर्णन शाही विशेषाधिकार के रूप में राजाओं, रानियों और उपपत्नियों की याद में किया जाता था। इसे सती शिला भी कहा जाता है। रानियां और अन्य महिलाएं जिन्होंने अपने मृत पति की चिता पर स्वयं की आहुति दी हो, उन्हें सती कहा जाता है। इस स्मृति शिला में एक अलंकृत आले के अंदर राजा और रानी की आकृतियों को एक साथ उत्कीर्णित किया गया है। शिला पर मृतकों की आकृतियां इस तरह से उकेरी गई हैं कि इस उद्देश्य के लिए प्रयुक्त मूल पत्थर की मोटाई बरकरार रहे। इन स्मृति शिलाओं की राजा और रानी की मृत्यु के एक वर्ष पश्चात तक मृतक के परिवार द्वारा पूजा की जाती थी। बरसेला महत्वपूर्ण स्मृति शिलाएं हैं जिनसे प्राचीन पारंपरिक पदानुक्रमित सांस्कृतिक व्यवहारों की जानकारी प्राप्त होती हैं। आरोहण क्रमांक - 99.349 स्थानीय नाम - बरसेला, पाषाण स्मृति स्तंभ समुदाय - लोक स्थानीयता -कुल्लू, हिमाचल प्रदेश श्रेणी - ‘ए’ #barsela #barsile #memorialstonepillar #satistone #folk #folkcommunity #kullu #himachalpradesh #igrms #museumfromhome #objectoftheweek #ethnograhicobject #museumobject #museumofman #museumofmankind #museumofhumankind #experienceigrms #igrmsstories #staysafe #covid19 https://www.instagram.com/p/CPPOoCcjB95/?utm_medium=tumblr