आज़ादी और बेहतर भी हो सकती है।
आज़ादी और बेहतर भी हो सकती है।
हमारे मुल्क को आज़ाद हुए आज 73 वर्ष पूरे हो गए ! क्या मायने हैं आज़ादी के ,इसका लेखा जोखा बहुत लंबा और विस्तृत हो सकता है लेकिन मेरे मन में जो बात ऐसे विषयों पर लिखते समय कौंध जाती है वो है -एक साधारण सी स्त्री और उसकी आज़ादी। क्योंकि स्त्रियों को समाज के कई वर्गों द्वारा मूक पशु से भी कमतर समझा जाता है और उसी तरह उनके साथ व्यवहार किया जाता है। यदि हमारे समाज और देश के सबसे पिछड़े और कमजोर वर्ग का…
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